8th Pay Commission New Rules: भारत में केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से 8वें वेतन आयोग की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती महंगाई ने रोजमर्रा के खर्चों को काफी प्रभावित किया है। खाद्य पदार्थ, ईंधन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवास जैसे बुनियादी जरूरतों की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिससे मौजूदा वेतन संरचना कई परिवारों के लिए अपर्याप्त हो गई है। ऐसे में कर्मचारी संगठन और यूनियनों की मांग है कि वेतन और पेंशन में उचित संशोधन किया जाए ताकि क्रय शक्ति बनी रहे।
वेतन आयोग की भूमिका और महत्व
वेतन आयोग एक विशेषज्ञ समिति होती है जिसे केंद्र सरकार गठित करती है। इसका मुख्य काम सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करना होता है। आयोग आर्थिक स्थिति, महंगाई दर, जीवन स्तर की लागत और अन्य कारकों का गहन अध्ययन करता है। इसकी सिफारिशों के आधार पर सरकार वेतन ढांचे में बदलाव लागू करती है। यह प्रक्रिया सरकारी सेवा को आकर्षक बनाए रखने और कर्मचारियों की संतुष्टि सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सातवें वेतन आयोग के बाद की चुनौतियां
वर्तमान में सातवां वेतन आयोग लागू है, जिसकी सिफारिशें 2016 से प्रभावी हैं। उस समय वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई थी और इसे काफी संतोषजनक माना गया। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। महंगाई के कारण दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल बिल और अन्य जरूरतें बढ़ गई हैं। कई विशेषज्ञ और कर्मचारी संघों का कहना है कि मौजूदा सैलरी स्केल अब वास्तविक जरूरतों के अनुरूप नहीं रहा। इसलिए 8वें वेतन आयोग की आवश्यकता और बढ़ गई है।
8वें वेतन आयोग की वर्तमान स्थिति
सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन कर दिया है। नवंबर 2025 में वित्त मंत्रालय द्वारा आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई थी। आयोग को अपनी सिफारिशें 18 महीने के अंदर प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च हो चुकी है (https://8cpc.gov.in/), जहां विभिन्न हितधारकों से सुझाव मांगे जा रहे हैं। कर्मचारी, पेंशनभोगी, यूनियन, विभाग और अन्य व्यक्ति MyGov पोर्टल के माध्यम से 16 मार्च 2026 तक अपनी राय भेज सकते हैं।
यह आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन में संशोधन की सिफारिश करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, सिफारिशें 2027 के मध्य तक आ सकती हैं, लेकिन प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 मानी जा रही है। इससे कर्मचारियों को एरियर का लाभ मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर और संभावित वेतन वृद्धि
फिटमेंट फैक्टर वेतन आयोग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह पुराने बेसिक पे को नए स्केल में बदलने का आधार बनता है। विभिन्न अनुमानों के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.86 के बीच हो सकता है, जबकि कई रिपोर्ट्स में 2.28 से 2.46 की संभावना जताई जा रही है। इससे बेसिक सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।
उदाहरण के लिए, वर्तमान में लेवल-1 का न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 लागू होता है तो यह लगभग ₹41,000 तक पहुंच सकता है। उच्च फैक्टर पर यह और ज्यादा बढ़ सकता है। इससे सभी स्तरों के कर्मचारियों को लाभ होगा और मासिक आय में स्पष्ट सुधार आएगा।
महंगाई भत्ता (DA) में संभावित बदलाव
महंगाई भत्ता कर्मचारियों की आय का बड़ा हिस्सा है जो बढ़ती कीमतों से सुरक्षा देता है। जनवरी 2026 से DA 60% तक पहुंच चुका है। नए आयोग में DA की गणना के फॉर्मूले में सुधार की उम्मीद है ताकि महंगाई का असर बेहतर तरीके से कवर हो सके। DA को नए बेसिक में मर्ज करने के बाद रीसेट किया जा सकता है।
पेंशनभोगियों को मिलने वाला लाभ
वेतन आयोग के फैसले केवल मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहते। पेंशन में भी संशोधन होता है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन बढ़ सकती है, खासकर बुजुर्गों के लिए जहां मेडिकल खर्च एक बड़ी समस्या है। 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर हुए पेंशनभोगी भी संशोधित पेंशन के पात्र होंगे।
कब तक लागू हो सकता है?
आयोग की सिफारिशें 18 महीने में आने की उम्मीद है। प्रभावी तिथि 1 जनवरी 2026 से मानी जा रही है, जिसके बाद एरियर का भुगतान हो सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा। अगर महंगाई का दबाव बढ़ता रहा तो प्रक्रिया तेज हो सकती है।